हर हाथ को जब काम मिले इंक़लाब हो
प्रतिभा को सम्मान मिले इंक़लाब हो
क्षेत्रवाद और मनमुटाव छोड़ कर
आपस का वैर और भेदभाव छोड़कर
जब हिन्दू - मुसलमान मिले इंक़लाब हो
हर घर में यहाँ शिक्षा का प्रसार हो सके
समानता, बंधुत्व का विस्तार हो सके
खुशहाल, हर किसान मिले ,इंक़लाब हो
