हरे रामा चिहुँ चिहुँ बोले चिरइया
मोरे अँगनइया ए हरी।
सुनि बोल हिया हरषाये
मन मोर मगन हुए जाये
हरे रामा चली मन्द पुरवइया
मोरे अँगनइया ए हरी।
रिमझिम बरसत है बदरिया
भींजत फुलवा फुलवरिया
हरे रामा बन गई प्रीत-तलइया
मोरे अँगनइया ए हरी।
सावन घनश्याम जु आये
मन राधा बन इठलाये
हरे रामा होत है रास-रचइया
मोरे अँगनइया ए हरी।
हरे रामा चिहुँ चिहुँ बोले चिरइया
मोरे अँगनइया ए हरी।
मोरे अँगनइया ए हरी।
सुनि बोल हिया हरषाये
मन मोर मगन हुए जाये
हरे रामा चली मन्द पुरवइया
मोरे अँगनइया ए हरी।
रिमझिम बरसत है बदरिया
भींजत फुलवा फुलवरिया
हरे रामा बन गई प्रीत-तलइया
मोरे अँगनइया ए हरी।
सावन घनश्याम जु आये
मन राधा बन इठलाये
हरे रामा होत है रास-रचइया
मोरे अँगनइया ए हरी।
हरे रामा चिहुँ चिहुँ बोले चिरइया
मोरे अँगनइया ए हरी।
