Powered By Blogger

Sunday, 19 February 2012

हर हाथ को जब काम  मिले इंक़लाब हो
प्रतिभा को सम्मान मिले इंक़लाब हो

क्षेत्रवाद और मनमुटाव छोड़ कर 
आपस का वैर और भेदभाव छोड़कर 
जब हिन्दू - मुसलमान मिले इंक़लाब हो

हर घर में यहाँ शिक्षा का प्रसार हो सके
समानता, बंधुत्व  का विस्तार हो सके
खुशहाल, हर किसान  मिले ,इंक़लाब हो



1 comment:

  1. ya.... everyone want and also waiting ... for that situation .....
    But know one know .... kab इंक़लाब hoga ....

    ReplyDelete