हर हाथ को जब काम मिले इंक़लाब हो
प्रतिभा को सम्मान मिले इंक़लाब हो
क्षेत्रवाद और मनमुटाव छोड़ कर
आपस का वैर और भेदभाव छोड़कर
जब हिन्दू - मुसलमान मिले इंक़लाब हो
हर घर में यहाँ शिक्षा का प्रसार हो सके
समानता, बंधुत्व का विस्तार हो सके
खुशहाल, हर किसान मिले ,इंक़लाब हो

ya.... everyone want and also waiting ... for that situation .....
ReplyDeleteBut know one know .... kab इंक़लाब hoga ....